“राज्यसभा में हंगामा: अनुराग ठाकुर के आरोपों पर कांग्रेस का विरोध, खरगे ने दिया चुनौती”

राज्यसभा में हंगामा: अनुराग ठाकुर के आरोपों पर कांग्रेस का विरोध, खरगे ने कहा- “साबित करो या इस्तीफा दो, मैं भी तैयार हूं”

राज्यसभा में मंगलवार को उस समय भारी हंगामा मच गया जब केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कांग्रेस पार्टी और उसके नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए। अनुराग ठाकुर के इन आरोपों से कांग्रेस नेता भड़क गए, और इसके बाद दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। इस दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्रीय मंत्री को कड़ी चुनौती दी, कहकर कहा, “यदि आप मेरे खिलाफ लगाए गए आरोपों को साबित नहीं कर सकते तो आप इस्तीफा दे दें, मैं भी तैयार हूं।”यह विवाद उस समय शुरू हुआ जब केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कांग्रेस पार्टी पर भ्रष्टाचार और कई गंभीर मुद्दों को लेकर आरोप लगाए। उन्होंने कांग्रेस नेताओं के खिलाफ आरोपों की झड़ी लगाई, जिससे कांग्रेस पार्टी के सदस्य भड़क उठे। ठाकुर ने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी ने कई मामलों में सरकार और सार्वजनिक संसाधनों का दुरुपयोग किया है और इनका पूरी तरह से पर्दाफाश किया जाएगा।इसके जवाब में कांग्रेस नेताओं ने आरोपों को पूरी तरह से झूठा और बेबुनियाद बताया। मल्लिकार्जुन खरगे ने सरकार को चुनौती देते हुए कहा कि अगर अनुराग ठाकुर के पास कोई ठोस प्रमाण हैं, तो वह उसे सार्वजनिक करें। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि यदि ठाकुर अपने आरोपों को साबित करने में असमर्थ रहते हैं, तो उन्हें अपनी जिम्मेदारी से इस्तीफा दे देना चाहिए। खरगे ने कहा, “मैं भी तैयार हूं, आप जो आरोप लगा रहे हैं, उन्हें साबित करें, नहीं तो आपको इस्तीफा देना होगा।”राज्यसभा में दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस के कारण सदन में माहौल गरम हो गया। कांग्रेस नेताओं ने सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की, और अनुराग ठाकुर के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। वहीं, सरकार ने कांग्रेस के आरोपों को सिरे से नकारते हुए कहा कि यह विपक्षी दल अपनी गलतियों को छिपाने के लिए झूठे आरोप लगा रहा है।सदन में हंगामे के बीच संसदीय कार्यवाही बाधित हो गई, और सदन की बैठक कुछ समय के लिए स्थगित कर दी गई। हालांकि, बाद में दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप की प्रक्रिया को जारी रखा। कांग्रेस ने सरकार पर आरोप लगाया कि वह विपक्षी दलों को दबाने और उनका मुंह बंद करने के लिए झूठे आरोपों का सहारा ले रही है।विपक्ष का कहना है कि यह पूरा विवाद सरकार की छवि को धूमिल करने और उसकी आलोचना करने वाले विपक्षी नेताओं को दबाने की एक साजिश है। वहीं, सरकार ने विपक्ष के आरोपों को बेबुनियाद और निराधार करार दिया और कहा कि कांग्रेस केवल अपनी असफलताओं को छिपाने के लिए इस तरह के आरोप लगा रही है।राज्यसभा में यह विवाद एक नया मोड़ ले सकता है, क्योंकि कांग्रेस पार्टी ने स्पष्ट रूप से सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला है। आने वाले दिनों में इस मामले पर और भी गर्म बहस होने की संभावना है। विपक्ष ने यह भी संकेत दिया है कि अगर सरकार ने अपने आरोपों का समर्थन करने के लिए प्रमाण नहीं दिए तो कांग्रेस अपनी रणनीति और विरोध को तेज कर सकती है।इस बीच, यह हंगामा राज्यसभा में राजनीतिक तनाव को और बढ़ा सकता है, और आगामी सत्रों में सदन की कार्यवाही के संचालन को प्रभावित कर सकता है। इस पूरे घटनाक्रम पर कई राजनीतिक पर्यवेक्षकों ने कहा कि यह आरोप-प्रत्यारोप का दौर संसद में एक नया अध्याय जोड़ सकता है, और इससे राजनीतिक माहौल और भी गरम हो सकता है।

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