“मणिपुर में राष्ट्रपति शासन की मंजूरी, अमित शाह ने राज्यसभा में हिंसा की स्वीकार की बात”

मणिपुर में जारी हिंसा और अस्थिरता को देखते हुए राज्यसभा में राष्ट्रपति शासन को मंजूरी दे दी गई है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस निर्णय का समर्थन करते हुए राज्यसभा में मणिपुर की स्थिति को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने राज्य में हुई हिंसा को स्वीकार करते हुए बताया कि इस समय मणिपुर में सुरक्षा की स्थिति को सुधारने के लिए राष्ट्रपति शासन लागू करना आवश्यक था।अमित शाह ने अपने बयान में कहा कि मणिपुर में लंबे समय से चल रही हिंसा, जातीय संघर्ष और अस्थिरता को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। उनका कहना था कि केंद्र सरकार ने राज्य की स्थिति को ध्यान में रखते हुए इस फैसले को लिया है, ताकि राज्य में शांति और सामान्य स्थिति को बहाल किया जा सके। इसके अलावा, उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रपति शासन लागू होने से मणिपुर में कानून और व्यवस्था की स्थिति में सुधार लाने के लिए केंद्र सरकार पूरी तरह से प्रतिबद्ध है और वहां सुरक्षा बलों को पूरी ताकत से तैनात किया जाएगा।राज्यसभा में अमित शाह ने मणिपुर में हुई हिंसा की घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए यह बताया कि केंद्र सरकार ने राज्य में स्थिरता लाने के लिए सभी संभव प्रयास किए हैं, लेकिन स्थिति में सुधार नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति शासन लागू करने से पहले, केंद्र सरकार ने राज्य सरकार के साथ कई बार बातचीत की, लेकिन जब स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई, तो यह कदम उठाया गया।गृह मंत्री ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार मणिपुर के नागरिकों की सुरक्षा और उनके अधिकारों के प्रति पूरी तरह से प्रतिबद्ध है और राष्ट्रपति शासन के तहत राज्य में शांति और स्थिरता स्थापित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। इसके साथ ही, उन्होंने विपक्षी दलों से आग्रह किया कि वे इस स्थिति में सहयोग करें और मणिपुर के लोगों के हित में काम करें।इस फैसले के बाद मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लागू हो गया है, जिससे राज्य में राजनीतिक अस्थिरता और हिंसा के बीच केंद्रीय शासन द्वारा स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया जाएगा। राष्ट्रपति शासन के तहत, राज्य सरकार की शक्ति राष्ट्रपति के हाथों में स्थानांतरित हो जाती है और केंद्र सरकार मणिपुर में शासन करती है। यह कदम राज्य के नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, ताकि वहां की स्थिति को सामान्य किया जा सके।राज्यसभा में यह निर्णय राज्य की राजनीति और देश की सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है, जहां एक तरफ हिंसा की घटनाओं को रोकने का प्रयास किया जाएगा, वहीं दूसरी तरफ राज्य में लंबे समय से बनी अस्थिरता और तनाव को भी दूर किया जाएगा।