
देहरादून में साइबर अपराधियों ने एक बुजुर्ग व्यक्ति को डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर 14 लाख 60 हजार रुपये की ठगी कर ली। आरोपियों ने खुद को मुंबई स्थित सीबीआई मुख्यालय का अधिकारी बताकर पीड़ित को छह दिनों तक मानसिक रूप से बंधक बनाए रखा और दो अलग-अलग खातों से रकम अपने खातों में ट्रांसफर करवा ली।
पीड़ित को बताया गया कि उनका नाम मनी लॉन्ड्रिंग के एक बड़े मामले में जुड़ गया है और उनके आधार कार्ड के दुरुपयोग से छत्रपति शिवाजी एयरपोर्ट, मुंबई से एक सिम कार्ड लिया गया है। ठगों ने दावा किया कि यह सिम नरेश गोयल मनी लॉन्ड्रिंग केस से जुड़ा है। साथ ही परिवार की सुरक्षा को खतरे में बताकर लगातार डराया गया।
रायपुर निवासी सनमीत सिंह के अनुसार, छह जनवरी को उनके मोबाइल पर व्हाट्सएप कॉल आया, जिसमें कॉल करने वाले ने खुद को सीबीआई अधिकारी बताया और मामले से जुड़े फर्जी दस्तावेज भी भेजे। गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई का डर दिखाकर उनसे पहले 8 जनवरी को 3.10 लाख रुपये जमा कराए गए, जिसकी एक रसीद भी भेजी गई।
इसके बाद भी कॉल का सिलसिला जारी रहा और पारिवारिक सुरक्षा के नाम पर 12 जनवरी को उनसे 11.50 लाख रुपये और ट्रांसफर करवा लिए गए। इस बार कोई रसीद नहीं मिलने पर पीड़ित को ठगी का शक हुआ और उन्होंने साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत के आधार पर मामला रायपुर थाने में दर्ज किया गया है। थाना प्रभारी गिरीश नेगी ने बताया कि मामले की जांच जारी है और आरोपियों की तलाश की जा रही है।