
पाकिस्तान में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में अभूतपूर्व बढ़ोतरी ने आम जनता की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। पाकिस्तान के वित्त मंत्री मोहम्मद औरंगजेब ने कहा कि ये फैसले ऊर्जा और खाद्य सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सर्वसम्मति से लिए गए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि वैश्विक कीमतों में बढ़ोतरी के बावजूद सरकार ने देश में ऊर्जा आपूर्ति बनाए रखी है।
मंत्री ने संकेत दिया कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों को देखते हुए पाकिस्तान आईएमएफ कार्यक्रम में लचीलापन हासिल करने की कोशिश करेगा, ताकि बढ़ते वित्तीय दबाव को संभाला जा सके।
अमेरिका-इस्राइल और ईरान के बीच जारी तनाव और वैश्विक तेल कीमतों में उछाल ने पाकिस्तान की जनता पर महंगाई का बोझ और बढ़ा दिया है। इसके तहत पेट्रोल की कीमत में 43 प्रतिशत की वृद्धि हुई है और हाई-स्पीड डीजल की कीमत में 55 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है। नई दरों के मुताबिक, पेट्रोल अब 458.41 रुपये प्रति लीटर हो गया है, जबकि डीजल की कीमत 520.35 रुपये प्रति लीटर तक पहुँच गई है। केरोसिन की कीमत में भी 34.08 रुपये प्रति लीटर का इजाफा किया गया है।
सरकार ने डीजल की बढ़ी कीमतों के असर को संतुलित करने के लिए पेट्रोलियम लेवी में बदलाव किया है। पेट्रोल पर लेवी बढ़ाकर 160 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है, जबकि डीजल पर इसे शून्य कर दिया गया है, ताकि आम जनता पर पड़ने वाला भार कम किया जा सके।