
धर्मनगरी वृंदावन में शुक्रवार को हुई एक भीषण नाव दुर्घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। केसीघाट और बंशीवट के बीच यमुना नदी की लहरों पर सैर कर रहे श्रद्धालुओं की खुशियाँ पल भर में मातम में बदल गईं। 37 यात्रियों से भरी एक मोटरबोट अनियंत्रित होकर पांटून पुल से टकरा गई और देखते ही देखते नदी में समा गई। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 11 श्रद्धालुओं की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई अन्य अब भी लापता बताए जा रहे हैं।
कैसे हुआ यह हृदयविदारक हादसा?
पंजाब के लुधियाना, हिसार, मुक्तसर और जगरांव से करीब 130 श्रद्धालुओं का एक बड़ा जत्था दो बसों में सवार होकर ठाकुर बांके बिहारी के दर्शन करने वृंदावन पहुँचा था। शुक्रवार दोपहर करीब 3:00 बजे, इस दल के 37 लोग एक मोटरबोट पर सवार होकर यमुना विहार के लिए निकले।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, केसीघाट और बंशीवट के बीच स्थित पांटून पुल के पास अचानक तेज हवाओं या तकनीकी लापरवाही के कारण नाव का संतुलन बिगड़ गया। नाव सीधे लोहे के पांटून (पीपा) से जा टकराई और पलट गई। चीख-पुकार मचते ही स्थानीय नाविकों और गोताखोरों ने रेस्क्यू शुरू किया, लेकिन पानी गहरा होने के कारण कई लोग डूब गए।
राहत और बचाव कार्य (Rescue Operations)
हादसे की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया। मौके पर तुरंत भारी पुलिस बल के साथ NDRF (राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल), SDRF और PAC के गोताखोरों को तैनात किया गया।
- बचाए गए लोग: अब तक 15 से 22 लोगों को सुरक्षित निकालकर विभिन्न अस्पतालों (जैसे रामकृष्ण मिशन अस्पताल) में भर्ती कराया गया है।
- मृतकों का आँकड़ा: शनिवार सुबह देवराहा बाबा आश्रम के समीप एक और शव बरामद होने के बाद मृतकों की संख्या बढ़कर 11 हो गई है।
- सेना की मदद: हालात की गंभीरता को देखते हुए सेना की टुकड़ी को भी सर्च ऑपरेशन में शामिल किया गया है।
प्रशासन की लापरवाही और सवाल
प्रारंभिक रिपोर्टों में सामने आया है कि पांटून पुल को हटाने के दौरान जरूरी सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई थी, जिसकी चपेट में नाव आ गई। इसके अलावा, नाव पर क्षमता से अधिक लोग सवार थे और किसी ने भी लाइफ जैकेट नहीं पहनी थी। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे पर गहरा दुख जताते हुए जांच के आदेश दिए हैं और दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री ने शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त की हैं। पंजाब से आए इन परिवारों के लिए यह तीर्थयात्रा कभी न भूलने वाले जख्म में तब्दील हो गई है। फिलहाल यमुना की लहरों में लापता लोगों की तलाश के लिए युद्धस्तर पर सर्च ऑपरेशन जारी है।