
किडनी तस्करी से जुड़े अवैध नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। मामले में गिरोह के सरगना रोहित को गिरफ्तार कर लिया गया है, जिस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था। गिरफ्तारी के बाद आरोपी ने कई हैरान करने वाले खुलासे किए हैं।
जांच के शुरुआती दौर में रोहित को एनेस्थीसिया विशेषज्ञ बताया जा रहा था, लेकिन पूछताछ में यह दावा पूरी तरह झूठा निकला। असलियत सामने आई कि खुद को डॉक्टर बताने वाला रोहित महज इंटर पास है और उसने मेडिकल क्षेत्र में कोई भी औपचारिक शिक्षा या डिग्री हासिल नहीं की थी। बिना प्रशिक्षण और अनुभव के वह लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहा था।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह द्वारा कराए गए अवैध किडनी ऑपरेशन और अंगों की खरीद-फरोख्त के मामलों में कई लोगों की जान जा चुकी है। इसकी बड़ी वजह यह थी कि पूरे नेटवर्क को रोहित जैसे अयोग्य और फर्जी लोग चला रहे थे। इस मामले में अब तक यह दसवीं गिरफ्तारी मानी जा रही है, जिससे पूरे रैकेट के कई अहम राज खुलने की उम्मीद है।