
आम आदमी पार्टी को बड़ा झटका देते हुए राघव चड्ढा ने भाजपा में शामिल होने का ऐलान कर दिया है। कभी अरविंद केजरीवाल के करीबी माने जाने वाले चड्ढा के इस फैसले ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। उन्होंने दावा किया कि वह अकेले नहीं, बल्कि पार्टी के सात राज्यसभा सांसदों के साथ भाजपा का रुख कर रहे हैं।
इस घटनाक्रम के बाद दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पंक्ति में अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए लिखा, “बीजेपी ने फिर से पंजाबियों के साथ धक्का किया है।” उनके इस संक्षिप्त बयान को उनके दर्द और नाराजगी के रूप में देखा जा रहा है।
वहीं, आम आदमी पार्टी के नेता अनुराग ढांढा ने भी इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा दबाव और एजेंसियों के जरिए नेताओं को तोड़ने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि पंजाब में भगवंत मान सरकार के काम से घबराकर इस तरह की रणनीति अपनाई जा रही है और पार्टी को कमजोर करने की कोशिश हो रही है।
दरअसल, राघव चड्ढा ने संदीप पाठक और अशोक मित्तल के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जानकारी दी कि आम आदमी पार्टी के सात राज्यसभा सांसद पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि संविधान के प्रावधानों के तहत दो-तिहाई सांसद किसी अन्य दल में विलय कर सकते हैं, और इसी प्रक्रिया के तहत यह निर्णय लिया गया है।
भाजपा में जाने वाले नेताओं में राघव चड्ढा, संदीप पाठक, अशोक मित्तल, हरभजन सिंह, स्वाति मालिवाल, राजेंद्र गुप्ता और विक्रमजीत साहनी के नाम शामिल बताए जा रहे हैं। इस बड़े राजनीतिक घटनाक्रम ने आने वाले समय में देश की राजनीति को और भी गरमा दिया है।