
केदारनाथ में सात घंटे तक हुई बर्फबारी व निचले इलाकों में बारिश के चलते यात्रा दूसरे दिन भी रोकी गई। इस दौरान धाम में रुके यात्रियों को निचले इलाकों में भेजा गया। प्रशासन यात्रा पड़ावों पर यात्रियों की नियमित निगरानी कर रहा है। शाम चार बजे के बाद केदारनाथ में मौसम सुधार होने पर मंदिर में दर्शनों के लिए लाइन लग गई थी। उधर, भारी बारिश को देखते हुए प्रशासन ने यमुनोत्री धाम की यात्रा भी रोक दी है।
मंगलवार सुबह 6 बजे से केदारनाथ यात्रा शुरू हो गई थी। इस दौरान सोनप्रयाग से 6500 श्रद्धालुओं ने पैदल मार्ग से धाम के लिए प्रस्थान किया। सोनप्रयाग सहित केदारघाटी में रिमझिम बारिश शुरू हुई लेकिन सुबह 8 बजे तक 7810 और 9.30 बजे तक 10470 श्रद्धालु धाम के लिए प्रस्थान कर चुके थे। इसके बाद, तेज बारिश के चलते सोनप्रयाग में यात्रा को रोक दिया गया।
दूसरी ओर, उत्तरकाशी में भारी बारिश को देखते हुए प्रशासन ने यमुनोत्री धाम की यात्रा रोक दी है। प्रशासन ने तीर्थयात्रियों को ऐतिहातन साढ़े 12 बजे बाद जानकीचट्टी में ही रोक दिया। एसडीएम बड़कोट शालिनी नेगी ने बताया कि यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए यमुनोत्री धाम के तीर्थयात्रियों को जानकीचट्टी में रोका गया है। मौसम ठीक होने पर धाम जाने दिया जाएगा।
केदारनाथ : चौबीस घंटे में हार्ट अटैक से चार यात्रियों की मौत
चौबीस घंटे के भीतर केदारनाथ यात्रा में चार यात्रियों की दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई है। पुलिस ने शवों का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए जिला चिकित्सालय रुद्रप्रयाग भेज दिया है। कपाट खुलने के बाद से अभी तक 34 यात्रियों की मौत हो चुकी है।
बीते सोमवार देर शाम को रवींद्र नाथ (56), प्रतापगढ़, उत्तर प्रदेश की सोनप्रयाग में तबियत खराब हो गई थी। उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद एंबुलेंस से जिला चिकित्सालय रुद्रप्रयाग रेफर किया गया। जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। वहीं, अनीता राय सिंधे (65), निवासी ग्राम भागला, जिला औरंगाबाद, महाराष्ट्र, मानकुंवर नागर (60), निवासी मध्य प्रदेश और लता कमावत (56), निवासी नथवाड़ा, राजस्थान को बड़ी लिनचोली, बेस कैंप और सोनप्रयाग में दिल का दौरा पड़ा था। इन्हें नजदीकी एमआरपी व अस्पताल में लाया गया। जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
सीएमओ डा. बीके शुक्ला ने बताया कि कपाट खुलने के बाद से अभी तक 34 यात्रियों की मौत हो चुकी है, जिसमें 33 की मौत का कारण दिल का दौरा पड़ना रहा है। जबकि एक यात्री की गौरीकुंड में पैर फिसलने से खाई में गिरकर मौत हुई थी।