Deprecated: Function WP_Dependencies->add_data() was called with an argument that is deprecated since version 6.9.0! IE conditional comments are ignored by all supported browsers. in /home1/theindi2/public_html/wp-includes/functions.php on line 6131
मस्क ने ट्विटर डील कैंसिल की:बोले- कंपनी ने फेक अकाउंट्स की जानकारियां नहीं दी,कोर्ट जाएंगे बोर्ड के चेयरमैन - The Indian Exposure

मस्क ने ट्विटर डील कैंसिल की:बोले- कंपनी ने फेक अकाउंट्स की जानकारियां नहीं दी,कोर्ट जाएंगे बोर्ड के चेयरमैन

टेस्ला के CEO और दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति एलन मस्क ने शुक्रवार को ट्विटर खरीद डील कैंसिल कर दी। 44 अरब डॉलर (3.37 लाख करोड़ रुपए) की इस डील को खत्म करते समय मस्क ने कहा – कंपनी अपने प्लेटफॉर्म पर मौजूद फेक या नकली ट्विटर अकाउंट्स से जुड़ा डेटा मुहैया कराने में नाकाम रही है।

वहीं, ट्विटर बोर्ड के चेयरमैन ब्रेट टायलो ने कहा है कि समझौते को लागू कराने के लिए हम कोर्ट जाएंगे। मस्क के डील कैंसिल करने के बाद ट्विटर के शेयर्स में 6% की गिरावट आई है।

मस्क ने पहले कही थी डील लापस लेने की बात
बीते महीने ही मस्क ने धमकी दी थी कि अगर यह साबित नहीं होता कि ट्विटर के कुल यूजर्स में से 5% से कम स्पैम अकाउंट हैं, तो वह डील वापस ले लेंगे। मस्क के वकील ने कहा कि ट्विटर प्लेटफॉर्म पर फेक या स्पैम अकाउंट से जुड़ी जानकारी मांगी गई, जिसका जवाब नहीं दिया गया या मना कर दिया गया। ट्विटर ने समझौते की शर्तों का उल्लंघन किया और गलत जानकारियां दीं।

फेक अकाउंट्स की संख्या 5% से नीचे लाने की शर्त
एलन मस्क की यह शर्त थी कि ट्विटर अपने प्लेटफॉर्म से स्पैम और फेक अकाउंट काे 5% से नीचे लाए। दूसरी ओर ट्विटर ने कहा था कि वह रोजाना 10 लाख स्पैम अकाउंट डिलीट कर रहा है। मस्क महीनों से शिकायत कर रहे थे कि ट्विटर यूजर बेस में शामिल इन अकाउंट्स की संख्या को हकीकत से कम दिखा रहा है।

हालांकि, कंपनी ने मस्क के दावे को नकारते हुए कहा है कि फेक अकाउंट्स की संख्या कुल यूजर्स की संख्या के 5% से कम हैं। मस्क का मानना है कि ट्विटर पर स्पैम अकाउंट्स की संख्या 5% से अधिक है।

मस्क को 1 बिलियन डॉलर देने पड़ सकते हैं
ट्विटर और मस्क के बीच हुए खरीद समझौते के मुताबिक, अगर डील कैंसिल की जाती है, तो इस स्थिति में शर्तों के तहत मस्क को 1 अरब डॉलर की ब्रेक-अप फीस देनी होगी, लेकिन मस्क केवल ब्रेक-अप फीस देकर बच नहीं सकते।

समझौते में एक ऐसा प्रावधान शामिल है, जो मस्क को डील पूरा करने के लिए मजबूर कर सकता है। इसका मतलब यह है कि अब मस्क और ट्विटर के बीच लंबी कानूनी लड़ाई खिंच सकती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *


Notice: ob_end_flush(): Failed to send buffer of zlib output compression (0) in /home1/theindi2/public_html/wp-includes/functions.php on line 5481