
गुजरात के बोटाद जिले में जहरीली शराब पीने से सोमवार को 10 लोगों की मौत हो गई। वहीं, 18 लोग बीमार हैं, जिनमें से 5 की हालत गंभीर है। जानकारी के मुताबिक सभी बोटाद के रोजिद गांव के रहने वाले हैं और सभी ने रात को शराब पी थी। बीमार लोगों में से 5 को बोटाद के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि गंभीर 5 मरीजों को भावनगर के सर टी अस्पताल रेफर किया गया है।
पड़ोस के गांव में जाकर पी शराब
बोटाद पुलिस के मुताबिक जहरीली शराब का शिकार हुए सभी लोगों ने रविवार की रात रोजिद के पास बसे नभोई गांव में जाकर शराब पी थी। सोमवार सुबह सभी को पेट दर्द और उल्टियां होने लगीं। परिवार के लोग इन्हें अस्पताल ले गए। दो लोगों की सुबह ही मौत हो गई थी, इसके बाद इलाज के दौरान एक-एक करके 6 और लोगों ने दम तोड़ दिया।
शराब बेचने वाले गिरफ्त से बाहर
इस घटना के बाद पुलिस की कई टीमें नभोई गांव में शराब बेचने वालों की तलाश कर रही है। गांव में उन लोगों की भी पहचान की जा रही है, जिन्होंने शराब पी थी। हालांकि अब तक नभोई गांव से कोई मरीज सामने नहीं आया है।
शराबबंदी के बावजूद बिक रही शराब
1960 में जब बॉम्बे से अलग होकर गुजरात अलग राज्य बना था, तभी यहां शराबबंदी लागू कर दी गई थी। 2017 में गुजरात सरकार ने शराबबंदी से जुड़े कानून में संशोधन कर सख्त सजा का प्रावधान किया है। इसके तहत अगर कोई गैरकानूनी तरीके से शराब की बिक्री करता है, तो उसे 10 साल कैद और 5 लाख रुपए जुर्माने की सजा हो सकती है।