
गुजरात विधानसभा चुनाव के पहले चरण में बृहस्पतिवार को शांतिपूर्ण ढंग से हुए मतदान में 62.89 फीसदी मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। पिछली बार हुए 67.23 फीसदी के मुकाबले इस बार लगभग 4.4 फीसदी मतदान कम दर्ज किया गया है। हालांकि, मतदान के आंकड़ों में फेरबदल होने की संभावना है। इसके साथ ही 19 जिलों की 89 सीटों के लिए मैदान में उतरे 788 प्रत्याशियों की किस्मत ईवीएम में कैद हो चुकी है।
गुजरात विधानसभा चुनाव के पहले चरण में बृहस्पतिवार को हुए मतदान में 62.89 फीसदी मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। हालांकि यह पिछली बार (67.23%) के मुकाबले 4.4% कम है। सौराष्ट्र-कच्छ में 55 फीसदी मतदान दर्ज किया गया। वहीं, दक्षिण गुजरात में 61 फीसदी वोटिंग हुई है। इस तरह सौराष्ट्र में दक्षिण गुजरात के मुकाबले 6 फीसदी कम वोटिंग हुई है। यहां के 12 जिलों में सिर्फ मोरबी में ही 69.77% वोट पड़े हैं। बाकी के अन्य जिलों में पिछली बार की तुलना में बेहद कम वोटिंग हुई है। इस तरह पाटीदार क्षेत्र में कम मतदान ने प्रत्याशियों को असमंजस में डाल दिया है। राज्य के 19 जिलों में आने वाली इन सीटों पर 788 उम्मीदवार मैदान में हैं। पहले फेज में दो करोड़ से ज्यादा वोटर्स को अपने मत का इस्तेमाल करना था। पहले फेज की कुल 89 सीटों में से भाजपा के पास सबसे ज्यादा 58, कांग्रेस के पास 26 और बीटीपी के पास 2, सीएनपी के पास एक सीट है।
कुछ जगह छिटपुट घटनाएं
भावनगर के पलिताना में मतदान के दौरान राजनीतिक दलों के दो गुटों में झड़प हो गई।
जूनागढ़ में एक कांग्रेस नेता कंधे पर गैस सिलिंडर लेकर मतदान केंद्र की ओर जा रहे थे, पुलिस ने रोका।
राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) ने कहा कि शुरुआती तीन घंटों में विभिन्न केंद्रों पर गड़बड़ी के कारण 33 बैलट यूनिट, 29 कंट्रोल यूनिट और 69 वीवीपीएटी को बदला गया।
बहिष्कार
झघडिया विधानसभा के केसर गांव के ग्रामीणों ने मूलभूत सुविधाओं के अभाव में चुनाव का बहिष्कार किया। एक भी वोट नहीं पड़ा।
बोटाड : सबसे कम मतदान
चुनाव आयोग के अनुसार, बोटाड जिले में सबसे कम 57.58 फीसदी मतदान हुआ। जबकि पोरबंदर में 59.51 फीसदी मतदान दर्ज किया गया।
तापी : सर्वाधिक पड़े वोट
सबसे ज्यादा मतदान तापी जिले 76.91 फीसदी दर्ज किया गया। नर्मदा जिले में 73.50 यहां 73.02 फीसदी वोट पड़े।