
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने बुधवार को साफ कर दिया कि यूक्रेन में उनकी सेना की कार्रवाई लंबे समय तक जारी रहेगी। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने बुधवार को स्वीकार किया कि यूक्रेन में उनका ‘विशेष सैन्य अभियान’ अपेक्षा से अधिक लंबा खींच चुका है। पुतिन ने युद्ध को लेकर कहा कि निश्चित रूप से यह एक लंबी प्रक्रिया हो सकती है। हांलांकि, पुतिन ने आगे कहा कि रूस अपनी हितों के लिए कोई भी कड़ा निर्णय लेने से पीछे नहीं हटेगा। इस बीच रूस ने बेलारूस के साथ नया सुरक्षा समझौता किया है। इस समझौते के बाद बेलारूस की सेना और हथियार यूक्रेन सीमा की ओर बढ़ चले हैं। रूस के सैनिक बेलारूस में पहले से ही मौजूद हैं। पुतिन ने कहा, यूक्रेन में वह नई सैन्य तैनाती नहीं करने जा रहे हैं। वहां पर सितंबर-अक्टूबर में तीन लाख रिजर्व सैनिकों की तैनाती का निर्णय पहले ही हो चुका है।
रूस अपने राष्ट्रीय हितों के साथ समझौता नहीं करेगा: व्लादिमीर पुतिन
समाचार एजेंसी एपी के मुताबिक, इस समय यूक्रेन में डेढ़ लाख पूर्णकालिक सैनिक तैनात हैं जिनमें से 77 हजार हमलावर दस्ते के जवान हैं। पुतिन ने यह बात टेलीविजन पर देश को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि पश्चिमी देश रूस के खिलाफ हर तरह का अभियान छेड़े हुए हैं। इसी के तहत वे रूस में मानवाधिकारों के हनन का दुष्प्रचार कर रहे हैं। सारे अभियान पर हमारा एक जवाब है कि रूस अपने राष्ट्रीय हितों के साथ समझौता नहीं करेगा। अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए हम किसी भी सीमा तक जाएंगे।
पुतिन ने कहा, हम पहले बातचीत का शांतिपूर्ण रास्ता अपनाते हैं। लेकिन जब उससे समस्या का समाधान नहीं होता है तब हम अपने उपलब्ध साधनों के इस्तेमाल के लिए स्वतंत्र होते हैं। पुतिन के इस बयान से साफ हो गया है कि रूस युद्धविराम पर यूक्रेन से बात करने नहीं जा रहा है। हाल में अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के बयान से दोनों देशों के बीच शांति वार्ता की संभावना पैदा हुई थी। लेकिन रूस के वायुसेना अड्डों पर यूक्रेन के ताजा हमलों ने युद्धविराम की संभावना को कमजोर कर दिया है।