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UP : PCS मुख्य परीक्षा से वैकल्पिक विषय की अनिवार्यता समाप्त - The Indian Exposure

UP : PCS मुख्य परीक्षा से वैकल्पिक विषय की अनिवार्यता समाप्त

प्रदेश सरकार ने सम्मिलित राज्य/प्रवर अधीनस्थ सेवा (पीसीएस) की मुख्य परीक्षा से वैकल्पिक विषय की अनिवार्यता को समाप्त करने संबंधी प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इसके स्थान पर उत्तर प्रदेश से जुड़े हुए समान्य ज्ञान के दो प्रश्नपत्र जोड़ दिए गए हैं। सूत्रों ने बताया कि मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में कार्मिक विभाग के इस प्रस्ताव पर विचार हुआ। कैबिनेट ने पीसीएस की मुख्य परीक्षा व परीक्षा योजना पाठ्यक्रम में संशोधन संबंधी प्रस्ताव को पास कर दिया है। इससे स्केलिंग को लेकर काफ ी समय से चले आ रहे विवाद के खत्म होने की संभावना है। गौरतलब है कि पीसीएस की मुख्य परीक्षा में वैकल्पिक विषय की अनिवार्यता थी। मुख्य परीक्षा में विज्ञान विषय के अभ्यर्थियों को मानविकी विषय के अभ्यर्थियों से ज्यादा अंक मिल जाते थे। फि र स्केलिंग के नाम पर अंक घटाए-बढ़ाए जाने से किसी को फायदा तो किसी को नुकसान उठाना पड़ता था। पीसीएस-2018 में स्केलिंग को लेकर काफी विवाद था।

कानपुर मेट्रो के लिए भूमि देगा सिंचाई विभाग

कैबिनेट ने कानपुर में निर्माणाधीन मेट्रो रेल परियोजना के लिए निशुल्क भूमि देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय की भूमि दी जाएगी। उप्र मेट्रो रेल कारपोरेशन को कानपुर मेट्रो के विकास और डिपो के निर्माण के लिए करीब 1.80 लाख वर्ग मीटर भूमि दी जाएगी। कैबिनेट ने विश्वविद्यालय को इसके बदले में सिंचाई विभाग की भूमि देने का निर्णय लिया है। इसके अलावा कैबिनेट ने सहारनपुर स्थित राजकीय इंटर कॉलेज के जर्जर भवनों के ध्वस्तीकरण के प्रस्ताव को भी मंजूर कर लिया है। साथ ही, उप्र राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग एवं जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोगों में पद सृजित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी है। 

समूह में काम करने वाले कृषक संगठनों को 6-6 लाख रुपये शेयर पूंजी अनुदान

समूह में काम करने वाले किसानों के संगठनों को शेयर पूंजी अनुदान निधि के रूप में 6-6 लाख रुपये मिलेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। अमर उजाला ने बुधवार के अंक में सरकार के इस प्रस्ताव का खुलासा किया था। फैसले से कृषक समन्वित विकास योजना के अंतर्गत गठित कृषक उत्पादक संगठनों (एफपीओ) को उनके अंशधारकों की पूंजी के बराबर अथवा अधिकतम छह लाख रुपये शेयर पूंजी अनुदान दिया जा सकेगा। यह शेयर पूंजी 2000 रुपये प्रति शेयर होल्डर, 300 शेयर होल्डर के लिए होगी। इससे एफपीओ व उससे जुड़े किसानों को व्यावसायिक क्रियाकलापों को तेजी से आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। शासन के एक अधिकारी ने बताया कि प्रदेश सरकार अपने संसाधनों से आत्म निर्भर कृषक समन्वित विकास योजना के अंतर्गत वर्ष 2024-25 तक 1475 एफपीओ के गठन का लक्ष्य तय किया है। इस फैसले से तीन वर्षों में 88.50 करोड़ रुपये खर्च आएगा। योजना के क्रियान्वयन से इन समूहों से जुड़ने वाले 4.25 लाख किसानों को प्रत्यक्ष लाभ होगा। इससे किसान उत्पादक कंपनियों व किसान उत्पादक सहकारी समितियों की अपना कृषि व्यवसाय शुरू करने में अंश पूंजी की व्यवस्था की समस्या का समाधान हो सकेगा।

गंगा एक्सप्रेसवे के लिए वन भूमि के लीज रेंट पर मिलेगी छूट

प्रदेश सरकार की कैबिनेट ने यूपीडा की ओर से बनाए जा रहे गंगा एक्सप्रेसवे के लिए वन भूमि के बाजार मूल्य और उसके 10 प्रतिशत राशि के बराबर वार्षिक लीज रेंट के भुगतान के प्रावधान से छूट देने का प्रस्ताव मंजूर किया है। कैबिनेट ने आगरा में थीम पार्क परियोजना के लिए आगरा विकास प्राधिकरण की ओर से यूपीएसआईडीसी के पक्ष में 232.9511 हेक्टेयर हस्तांतरित भूमि के विक्रय हस्तांतरण विलेख के लिए स्टांप ड्यूटी व निबंधन शुल्क में छूट देने के प्रस्ताव भी मंजूर किया है। 

यूपी में फिल्मों कीं शूटिंग करने पर मिलेगी दो करोड़ रुपये की सब्सिडी, नई फिल्म नीति को मंजूरी

प्रदेश को फिल्म निर्माण का केंद्र बनाने के लिए यूपी में फिल्मों की शूटिंग के साथ फिल्म में यूपी के कलाकारों को किरदार अदा करने का मौका देने पर सब्सिडी दी जाएगी। योगी कैबिनेट ने बुधवार को उत्तर प्रदेश फिल्म नीति-2023 को मंजूरी दी है।फिल्म निर्माण के लिए कुल शूटिंग दिवस के दो तिहाई दिन यूपी में शूटिंग करने पर दो करोड़ रुपये की सब्सिडी दी जाएगी। वहीं यूपी में फिल्म प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना करने पर भी 50 लाख रुपये तक की सब्सिडी दी जाएगी।

सरकार ने फिल्म निर्माण के लिए वातावरण तैयार करने और विभिन्न आवश्यक संसाधनों का शूटिंग के लिए समग्र विकास करने के लिए फिल्म नीति लागू की है। नोएडा में एक हजार एकड़ में बन रही फिल्म सिटी बनाई जा रही है। नोएडा के साथ प्रदेश के अन्य जिलों में फिल्म निर्माण सुविधाओं का विकास करने की योजना है। फिल्म सिटी में बनने वाली फिल्मों को भी नीति के अनुसार रियायत दी जाएगी।

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