
ए पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से उत्तर व पश्चिमी भारत के कई इलाकों में बारिश तथा पहाड़ी हिस्सों में बर्फबारी हो सकती है। इनमें उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और राजस्थान शामिल हैं। मौसम विभाग का अनुमान है कि 18 से 22 फरवरी तक हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। कुछ जगहों पर भारी बारिश की भी संभावना है।
मौसम विभाग के अनुसार, पंजाब में 18 से 22 फरवरी के बीच तेज हवाओं के साथ बारिश, आंधी, वज्रपात व ओलावृष्टि होगी। हरियाणा, चंडीगढ़, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। 19 और 20 फरवरी को राजस्थान में गरज के साथ हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं। कश्मीर घाटी के ज्यादातर इलाकों में 18 से 21 फरवरी तक तेज बारिश और बर्फबारी का अनुमान है, मैदानी व निचले इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान व मुजफ्फराबाद, हिमाचल प्रदेश तथा उत्तराखंड के अधिकतर इलाकों में भी इस दौरान हल्की से मध्यम बारिश तथा कुछ हिस्सों में भारी बारिश व बर्फबारी हो सकती है।
पश्चिमी विक्षोभ की वजह से 18 से 20 फरवरी के दौरान पंजाब में, 19 और 20 फरवरी को हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पश्चिम उत्तर प्रदेश और उत्तरी राजस्थान में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल सकती है। कुछ जगह 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार की आंधी के भी आसार हैं।
18 से 20 फरवरी 18 फरवरी को जम्मू के अलग-अलग हिस्सों, 18 और 19 फरवरी को हिमाचल प्रदेश और 18 से 20 फरवरी के दौरान उत्तराखंड में ओले गिरने की आशंका है। वहीं, 19 और 20 फरवरी तक पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विभिन्न इलाकों में ओलावृष्टि हो सकती है।
पूर्वोत्तर भारत में मध्य असम के निचले स्तरों पर चक्रवाती प्रसार जारी है। इससे अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय और नगालैंड के अलग-अलग हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
चार से पांच दिनों के बाद उत्तर पश्चिम भारत में न्यूनतम तापमान में तीन से पांच डिग्री सेल्सियस वृद्धि हो सकती है। पूर्वी भारत में भी न्यूनतम तापमान दो से चार डिग्री सेल्सियस बढ़ सकता है।