“चारधाम यात्रा के रास्ते पर 25 नए इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन शुरू, अब इलेक्ट्रिक गाड़ियों से भी आसानी से पहुंचें”

उत्तराखंड के प्रमुख तीर्थस्थल चारधाम की यात्रा अब और भी सुलभ हो गई है। सरकार ने चारधाम यात्रा मार्ग पर इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए 25 नए चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए हैं, जिससे पर्यटकों को अपनी इलेक्ट्रिक गाड़ियों से यात्रा करने में कोई कठिनाई नहीं होगी। इस पहल से न केवल पर्यावरण को लाभ मिलेगा, बल्कि यात्रियों को भी अपनी यात्रा के दौरान किसी प्रकार की रुकावट का सामना नहीं करना पड़ेगा।चारधाम यात्रा, जो कि बदरीनाथ, केदारनाथ, यमुनोत्री और गंगोत्री तक फैली हुई है, हर साल लाखों तीर्थयात्रियों को आकर्षित करती है। पहले इस यात्रा के दौरान पर्यटकों को अपनी गाड़ियों के लिए उपयुक्त चार्जिंग स्टेशन की कमी महसूस होती थी, लेकिन अब इस नई पहल से उन यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी जो इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग करते हैं।उत्तराखंड सरकार के अनुसार, इन नए चार्जिंग स्टेशनों का उद्देश्य न केवल चारधाम यात्रा को पर्यावरण के अनुकूल बनाना है, बल्कि राज्य के पर्यटन क्षेत्र को भी बढ़ावा देना है। इसके अलावा, यह पहल राज्य के इलेक्ट्रिक वाहन इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने और ग्रीन टेक्नोलॉजी की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इन चार्जिंग स्टेशनों की स्थापना से न केवल यात्रा की सुविधा बढ़ेगी, बल्कि प्रदूषण पर भी काबू पाया जा सकेगा।इलेक्ट्रिक वाहन के लिए इन चार्जिंग स्टेशनों की स्थापना प्रमुख यात्रा मार्गों पर की गई है, ताकि यात्रियों को हर जगह आसानी से चार्जिंग की सुविधा मिल सके। इसके अलावा, राज्य सरकार ने स्थानीय प्रशासन और अन्य संबंधित विभागों को निर्देशित किया है कि चार्जिंग स्टेशन की सही तरीके से देखरेख और संचालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि कोई भी यात्री बिना किसी परेशानी के अपनी यात्रा पूरी कर सके।उत्तराखंड के मुख्यमंत्री ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह राज्य की विकास योजनाओं का हिस्सा है, जो पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता और स्थिरता की दिशा में एक कदम है। उन्होंने यह भी कहा कि चारधाम यात्रा में इलेक्ट्रिक गाड़ियों के इस्तेमाल से पर्यटन क्षेत्र को एक नई दिशा मिलेगी और साथ ही प्रदूषण को कम करने में भी मदद मिलेगी।इस पहल से पर्यटकों को अपनी यात्रा के दौरान इलेक्ट्रिक वाहनों के माध्यम से यात्रा करने का एक नया अवसर मिलेगा। इसके साथ ही यह कदम राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बढ़ावा देने में भी सहायक होगा, जिससे लंबे समय में पर्यावरण पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

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