
देहरादून मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अंकिता भंडारी हत्याकांड को अत्यंत संवेदनशील और हृदय विदारक घटना बताते हुए कहा कि प्रदेश सरकार ने इस मामले में पूरी मजबूती के साथ कानूनी पैरवी की। उन्होंने कहा कि सरकार की सख्त पैरवी का ही परिणाम है कि मामले में तीनों दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है।
मंगलवार को सचिवालय स्थित मीडिया सेंटर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में सामने आई एक ऑडियो क्लिप की सत्यता की जांच के लिए विशेष जांच टीम (SIT) का गठन कर दिया गया है। सरकार इस प्रकरण से जुड़े हर पहलू की गहन जांच कराएगी और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि वह अंकिता के माता-पिता से स्वयं बातचीत करेंगे और उनकी भावनाओं व मांगों के अनुसार सरकार आगे का निर्णय लेगी।
इस बीच भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री और प्रदेश प्रभारी के निर्देश पर पूर्व विधायक सुरेश राठौर और उर्मिला सनावर के खिलाफ डालनवाला थाना देहरादून में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। एफआईआर में दोनों पर आरोप है कि उन्होंने जानबूझकर सोशल मीडिया पर भ्रामक वीडियो प्रसारित कर माहौल खराब करने और दंगा भड़काने की साजिश रची। तहरीर में कांग्रेस, यूकेडी और आम आदमी पार्टी को इस साजिश का सूत्रधार बताते हुए त्वरित कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है।