
देहरादून
गढ़वाल और कुमाऊं संभाग में मैनुअल फिटनेस सेंटर बंद कर दिए गए हैं, जिससे कॉमर्शियल यात्री वाहन चालकों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। गढ़वाल संभाग के पौड़ी, टिहरी और उत्तरकाशी जिलों में पंजीकृत वाहनों को अब फिटनेस प्रमाणपत्र के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ेगी। इन जिलों के वाहन चालकों को हरिद्वार और देहरादून में स्थापित ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन (ATS) तक जाना होगा। यह नई व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है, जबकि इससे पहले जिलों में मैनुअल फिटनेस सेंटर के जरिए राहत दी जा रही थी।
हालांकि पौड़ी, चमोली और टिहरी में एटीएस सेंटर के लिए आधारभूत ढांचा तैयार किया जा रहा है। तकनीकी जांच की मशीनें लगने के बाद यहां के कॉमर्शियल वाहन चालकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। अभी तक यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए वाहनों का तकनीकी परीक्षण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मैनुअल फिटनेस प्रक्रिया पर रोक लगा दी गई है।
गढ़वाल संभाग में देहरादून जिले के सेलाकुई स्थित लांघा और डोईवाला के लाल तप्पड़ में एटीएस सेंटर कार्यरत हैं। वहीं हरिद्वार जिले में बहादराबाद और रुड़की में एटीएस सेंटर स्थापित किए गए हैं। आरटीओ प्रशासन संदीप सैनी के अनुसार, जब तक गढ़वाल संभाग के सभी जिलों में फिटनेस जांच की मशीनें स्थापित नहीं हो जातीं, तब तक कॉमर्शियल वाहनों को फिटनेस के लिए देहरादून और हरिद्वार के एटीएस सेंटरों का रुख करना होगा।
प्रदेश में कुल कॉमर्शियल यात्री वाहनों की संख्या 4,17,094 है, जिनमें से लगभग ढाई लाख वाहन गढ़वाल संभाग में टैक्सी-मैक्सी और बसों के रूप में संचालित हो रहे हैं। नई व्यवस्था के तहत उत्तरकाशी, टिहरी और चमोली के वाहन देहरादून एटीएस सेंटर जाएंगे, जबकि पौड़ी और कोटद्वार क्षेत्र के वाहनों को हरिद्वार एटीएस सेंटर में फिटनेस करानी होगी।