
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में शराब कारोबारी मानवेंद्र सिंह की हत्या के मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने कई चौंकाने वाले तथ्य उजागर किए हैं। जांच में सामने आया है कि आरोपी बेटे अक्षत प्रताप सिंह ने हत्या के बाद शव के चार टुकड़े किए थे। उसने पेट और पीठ को अलग करने की कोशिश भी की, लेकिन रीढ़ की हड्डी नहीं काट सका।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, मृतक के पेट और पीठ पर करीब आठ-आठ इंच लंबे और गहरे कट के निशान पाए गए हैं। दुर्गंध को छिपाने के लिए आरोपी लगातार रूम फ्रेशनर का इस्तेमाल कर रहा था। मानवेंद्र सिंह (49) आशियाना के सेक्टर-एल में रहते थे और पैथोलॉजी संचालन के साथ शराब का कारोबार भी करते थे।
मंगलवार को पुलिस ने घटनास्थल पर क्राइम सीन रीक्रिएट किया, जिसमें आरोपी अक्षत भी मौजूद रहा। उसके बयान के आधार पर फोरेंसिक टीम की निगरानी में पूरी घटना को दोहराया गया। आरोपी ने बताया कि उसने तीसरी मंजिल पर पिता को गोली मारी थी और इसके बाद शव को नीचे लाकर 20 फरवरी की शाम बाथरूम में टुकड़ों में काट दिया।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने हत्या के बाद लाइसेंसी राइफल को बेड के नीचे छिपा दिया था, जिसे उसकी निशानदेही पर बरामद कर लिया गया है। सोमवार देर रात पुलिस आरोपी को लेकर उसके घर पहुंची थी। डर के चलते वह पिता के धड़ को ड्रम में भरकर कार से ठिकाने लगाने जा रहा था, लेकिन इसी दौरान शराब ठेके का मुनीम घर पहुंच गया, जिससे उसकी योजना विफल हो गई।
इस मामले में आशियाना थाने में दरोगा अग्रचारी यादव की ओर से एफआईआर दर्ज कराई गई है। एसीपी कैंट ने बताया कि जांच के दौरान घर से कोई ज्वलनशील पदार्थ नहीं मिला है। पैथोलॉजी से जुड़े कुछ केमिकल घर में मौजूद थे, लेकिन आरोपी ने शव जलाने की बात से इनकार किया है। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई आरी और दो चाकू भी बरामद कर लिए हैं।
पिता की हत्या के बाद परिजनों और दोस्तों को गुमराह करने के लिए आरोपी ने मानवेंद्र सिंह के लापता होने की अफवाह फैलाई। उसने एक व्हाट्सऐप ग्रुप बनाकर मृतक के दोस्तों को जोड़ा और भावनात्मक संदेश लिखता रहा—“पापा आप कहां हो, प्लीज वापस आ जाओ… कृति और मैं आपको मिस कर रहे हैं।”