
देहरादून। उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स (STF) की साइबर क्राइम यूनिट ने निवेश के नाम पर चल रहे एक बड़े ऑनलाइन ठगी रैकेट का भंडाफोड़ किया है। गिरोह खुद को नामी निवेश कंपनी बताकर लोगों को जाल में फंसा रहा था। कार्रवाई के दौरान STF ने इस मामले में एक आरोपी को हरियाणा के अंबाला से गिरफ्तार किया है।
गिरफ्तार आरोपी को न्यायालय में पेश कर आगे की जांच की जा रही है। STF के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह ने जानकारी दी कि देहरादून निवासी एक व्यक्ति से ठगों ने व्हाट्सएप के जरिए संपर्क किया था। आरोपियों ने खुद को “ASK Investment Managers Limited” का फाइनेंशियल एडवाइजर बताते हुए पीड़ित का विश्वास जीता।
इसके बाद पीड़ित को एक तथाकथित वीआईपी ग्रुप में जोड़ा गया और लिंक भेजकर “ASKICPRO” नाम का मोबाइल एप डाउनलोड कराया गया। स्टॉक मार्केट में मोटे मुनाफे का झांसा देकर अलग-अलग बैंक खातों में निवेश के नाम पर धनराशि जमा कराई गई। इस तरह पीड़ित से कुल 1 करोड़ 17 लाख रुपये की ऑनलाइन ठगी की गई।
मामले की जांच के दौरान बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और डिजिटल ट्रांजेक्शन के विश्लेषण से आरोपी बलजीत सिंह, निवासी अंबाला (हरियाणा) की पहचान हुई। उसके खिलाफ जारी वारंट के आधार पर उसे गिरफ्तार किया गया।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी के बैंक खातों में कम समय में बड़ी मात्रा में धन का लेन-देन हुआ है। साथ ही उसके खिलाफ देश के विभिन्न राज्यों में साइबर ठगी से जुड़े कई मामले दर्ज हैं।
पुलिस के अनुसार ठग फर्जी ट्रेडिंग डैशबोर्ड के जरिए निवेशकों को भारी मुनाफा दिखाते थे। जब पीड़ित अपनी रकम निकालने की कोशिश करते, तो उनसे मोटा कमीशन मांगा जाता था, जिससे धोखाधड़ी का खुलासा होता था।
STF ने आम जनता से अपील की है कि निवेश या डिजिटल अरेस्ट के नाम पर आने वाले व्हाट्सएप संदेशों, संदिग्ध कॉल, फर्जी ऐप और असामान्य हाई रिटर्न के ऑफर से सावधान रहें। किसी भी साइबर अपराध की सूचना तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 या राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर दर्ज कराएं।