
उत्तराखंड में नर्सिंग अधिकारी भर्ती की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए बड़ा झटका सामने आया है। उत्तराखंड चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड (UKMSSB) ने चिकित्सा शिक्षा विभाग के अंतर्गत 587 नर्सिंग अधिकारी पदों पर चल रही भर्ती प्रक्रिया में अधिकतम आयु सीमा को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। राज्य सरकार द्वारा अतिरिक्त आयु सीमा में छूट देने से स्पष्ट रूप से इनकार किए जाने के बाद, बोर्ड ने उन सभी अभ्यर्थियों के ऑफलाइन आवेदन निरस्त कर दिए हैं, जिन्होंने आयु सीमा में राहत की मांग करते हुए उत्तराखंड हाईकोर्ट का रुख किया था।
अब ऐसे अभ्यर्थियों को लिखित परीक्षा के लिए प्रवेश पत्र (Admit Card) जारी नहीं किए जाएंगे और वे इस भर्ती प्रक्रिया में शामिल नहीं हो सकेंगे।
क्या है पूरा मामला?
चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधीन राजकीय मेडिकल कॉलेजों में नर्सिंग अधिकारी के 587 पदों पर सीधी भर्ती के लिए 17 नवंबर 2025 को विज्ञापन जारी किया गया था। इसके बाद 2 जुलाई 2026 को लिखित परीक्षा की अधिसूचना जारी की गई।
भर्ती प्रक्रिया के दौरान कुछ अभ्यर्थियों ने अधिकतम आयु सीमा में अतिरिक्त छूट देने की मांग करते हुए उत्तराखंड हाईकोर्ट में याचिका दायर की। हाईकोर्ट के निर्देश पर चयन बोर्ड ने इन अभ्यर्थियों के ऑफलाइन आवेदन स्वीकार किए और उनका मामला राज्य सरकार को विचारार्थ भेजा।
सरकार ने क्यों ठुकराई आयु सीमा में छूट?
राज्य सरकार ने कार्मिक विभाग से परामर्श लेने के बाद स्पष्ट किया कि उत्तराखंड चिकित्सा शिक्षा विभाग (मेडिकल कॉलेज) नर्सिंग संवर्ग सेवा नियमावली-2020 तथा उत्तराखंड सेवाओं में भर्ती (आयु सीमा) नियमावली-2014 के अनुसार इस भर्ती के लिए अधिकतम आयु सीमा 42 वर्ष निर्धारित है।
सरकार ने अपने जवाब में कहा कि वर्तमान नियमों में अतिरिक्त आयु सीमा छूट का कोई प्रावधान नहीं है। यदि इस भर्ती में विशेष छूट दी जाती है, तो भविष्य में अन्य विभागों की सीधी भर्तियों में भी इसी तरह की मांग उठेगी, जिससे नियमों के विपरीत एक नई परंपरा शुरू हो जाएगी। इसलिए अतिरिक्त आयु सीमा में छूट देना उचित नहीं माना गया।
बोर्ड ने जारी किया अंतिम आदेश
सरकार के निर्णय के बाद उत्तराखंड चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड (UKMSSB) ने हाईकोर्ट के आदेश के तहत प्राप्त सभी ऑफलाइन आवेदन निरस्त कर दिए हैं। बोर्ड के सचिव प्रदीप जोशी द्वारा जारी सूचना में स्पष्ट किया गया है कि जिन अभ्यर्थियों ने आयु सीमा में राहत की मांग के आधार पर आवेदन किया था, उन्हें लिखित परीक्षा के लिए प्रवेश पत्र जारी नहीं किए जाएंगे और वे भर्ती प्रक्रिया से बाहर माने जाएंगे।
इस फैसले के बाद नर्सिंग अधिकारी भर्ती में आयु सीमा को लेकर चल रहा विवाद फिलहाल समाप्त हो गया है और भर्ती प्रक्रिया अब निर्धारित नियमों के अनुसार आगे बढ़ेगी।