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राजगढ़ में संत को गांव में पूजा-पाठ के लिए बुलाया, संत को दी असहनीय पीड़ा - The Indian Exposure

राजगढ़ में संत को गांव में पूजा-पाठ के लिए बुलाया, संत को दी असहनीय पीड़ा

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राजगढ़ में संत को गांव में पूजा-पाठ के लिए बुलाया। फिर दबंगों ने उसके साथ ऐसा किया, जिसे वो कभी नहीं भुला सकता। पहले तो वह शर्म के मारे दर्द सहता रहा, जब असहनीय हो गया तो अस्पताल पहुंचा।

राजगढ़ में मानवता को शर्मसार करने वाला एक मामला सामने आया है। यहां गांव में पूजा-पाठ कराना एक बुजुर्ग संत को बहुत भारी पड़ गया। गांव के दबंगों ने पहले तो संत के साथ मारपीट की। इसके बाद उन्हें ग्लास के ऊपर बैठाकर दबा दिया। इस वजह से उनके प्राइवेट पार्ट में ग्लास घुस गया। मामला राजगढ़ के खिलचीपुर का है और तीन महीने पुराना है।

पीड़ित बुजुर्ग 3 महीने तक दर्द सहता रहा और शर्म के मारे दूसरे गांवों में इलाज कराता रहा। जब कुछ फायदा नहीं हुआ और तकलीफ असहनीय हो गई तो वो शनिवार को इलाज कराने के लिए राजगढ़ जिला अस्पताल पहुंचा। जहां से रविवार को उसे भोपाल के हमीदिया अस्पताल रेफर कर दिया गया।

कोरोना की वजह से नहीं हो सका था यज्ञ
संडावता चौकी के ASI भदौरिया ने बताया कि 2 साल पहले संत ने गांव वालों के साथ मिलकर गांव में यज्ञ और पूजा-पाठ कराने का फैसला किया था। जिसके लिए उन्होंने चंदा भी इकठ्ठा कर लिया। यज्ञ का आयोजन हो पाता इससे पहले ही कोरोना आ गया। इस वजह से गांव में पूजा नहीं हो पाई। 3 महीने पहले संत उन लोगों के घर गए और उनसे दोबारा पूजा कराने के लिए कहने लगे। इसी बात से नाराज होकर 3 गांवों (अमावता, कछोटिया और हलाहेड़ी) के लोगों ने मिलकर उन्हें पीट दिया।

यज्ञ के लिए सवा लाख रुपए जमा हुए थे
95 साल के पीड़ित संत का कहना है कि यज्ञ के लिए कितना पैसा इकट्ठा हुआ था, ये तो उन लोगों ने किसी को नहीं बताया, लेकिन इतना पता है कि कम से कम सवा लाख रुपए इकट्ठे हुए थे। मैंने उनसे कहा कि अब तो कोरोना खत्म हो गया है, अब यज्ञ करवा सकते हैं। इसी बात से वह लोग भड़क गए और मुझे मारने लगे। इसके बाद उन्होंने मुझे स्टील के एक ग्लास पर बैठा दिया और फिर मुझे दबाने लगे। जिससे वो ग्लास मेरे अंदर चला गया।

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