
बारिश के चलते जनजीवन प्रभावित रहा। शहर में 62़ 2 एमएम बारिश दर्ज हुई, वहीं हल्द्वानी-चोरगलिया मार्ग पर शेरनाला, नकालय सूखी नदी में जलस्तर बढ़ने, हैड़ाखान-खनस्यू मार्ग पर मलबा आने और पवलगढ़ कोटाबाग मार्ग में पेड़ गिरने से यातायात प्रभावित रहा। सुशीला तिवारी अस्पताल परिसर, हल्द्वानी रोडवेज और बाजार में भी कई जगह दुकानों में पानी भर गया।
मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से शुक्रवार को भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई थी। इसके चलते जिले में डीएम के आदेश पर सभी स्कूलों को एक दिन के लिए बंद रखा गया। शुक्रवार सुबह करीब आठ बजे मौसम में बदलाव के साथ ही जिलेभर में कई जगहों पर तेज बारिश शुरू हो गई। रकसिया नाले में भी कुछ देर के लिए पानी का बहाव बढ़ गया। लगातार हुई बारिश के चलते जलभराव और यातायात प्रभावित होने से कई जगहों पर वाहनों की कतार लग गई। वन अनुसंधान नर्सरी के रेंजर मदन बिष्ट ने बताया कि संस्थान में लगे मौसम केंद्र में सुबह आठ से दो बजे तक 62़ 2 एमएम बारिश रिकार्ड की गई है। गौला का जलस्तर 1800 क्यूसेक दर्ज हुआ है।
घंटों घरों में कैद रहे नकायल वासी
गौलापार में सूखी नदी के उफान पर आने से नकायल से गौलापार का यातायात पूरी तरह बंद हो गया जिससे घंटों तक नकायलवासी घरों में कैद रहे। स्थानीय लोगों ने बताया कि सुबह साढ़े आठ बजे सूखी नदी जलस्तर बढ़ गया। इससे लोग अपने गंतव्यों तक नहीं पहुंच सके।
हैड़ाखान मार्ग पर आया मलबा
हैड़ाखान-खनस्यू मार्ग पर मलबा आने से दिन में दो बार यातायात प्रभावित हुआ। जेसीबी की मदद से प्रशासन ने मलबा हटाते हुए यातायात शुरू कराया। लोनिवि के एई मनोज पांडे ने बताया कि बारिश के चलते मार्ग पर दिन में दो बार मलबा आया, जिसे आधे घंटे में हटाकर यातायात शुरू करा दिया गया।