
महाकुंभ 2025 को लेकर समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रमुख अखिलेश यादव के बयान पर उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री दयाशंकर सिंह ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “महाकुंभ से बड़ा धार्मिक आयोजन दुनिया में नहीं होता। ये सब बयान देकर वो क्या दर्शाना चाहते हैं, वही समझते होंगे। वोट की राजनीति होनी चाहिए, लेकिन जहां भारत की संस्कृति और सभ्यता की बात आती है, वहां हम सबको एक होकर इसे मज़बूत करने की कोशिश करनी चाहिए।” दयाशंकर सिंह ने यह भी कहा कि महाकुंभ का महत्व केवल धार्मिक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक भी है, और इससे देश-विदेश में भारतीय संस्कृति का प्रचार होता है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए, अखिलेश यादव की टिप्पणी पर स्वामी चिदानंद सरस्वती ने कहा, “मैं केवल एक ही बात कह सकता हूं कि यह आंकड़ों की बात नहीं है, बात अकड़ की है। दुनिया भर में बड़ी संख्या में लोग गूगल पर महाकुंभ मेला 2025 को सर्च कर रहे हैं।” उन्होंने महाकुंभ की भव्यता और इसकी विश्वव्यापी पहचान की ओर इशारा किया, जो हर साल लाखों श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है।
अखिलेश यादव के बयान पर भाजपा सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने भी प्रतिक्रिया दी और कहा, “उनके बयान का कोई आधार नहीं है। दुनिया देख रही है कि महाकुंभ किस तरह लोगों के बीच लोकप्रिय है। देश से ही नहीं, विदेश से भी लोग महाकुंभ में पहुंच रहे हैं। अखिलेश यादव के सर्टिफिकेट की जरूरत सरकार को नहीं है।” उन्होंने यह भी कहा कि महाकुंभ के आयोजन की सफलता और इसके विशाल स्वरूप को कोई नकार नहीं सकता, और यह भारत की महान सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक है।
महाकुंभ 2025 में अब तक 7 करोड़ से अधिक श्रद्धालु पवित्र त्रिवेणी संगम में स्नान करने के लिए एकत्रित हो चुके हैं। इस बार के महाकुंभ में श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं, जिसमें कुंभ क्षेत्र में स्वच्छता के उच्च मानकों का पालन किया जा रहा है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 1.50 लाख शौचालय बनाए गए हैं। इसके अलावा, ट्रांसपोर्ट और अन्य आधारभूत संरचनाओं को भी बेहतर किया गया है, ताकि लाखों श्रद्धालुओं की सुविधा सुनिश्चित हो सके। महाकुंभ के आयोजन में, सरकार ने त्रिवेणी संगम के आसपास की सड़कों, स्वास्थ्य सेवाओं और सुरक्षा उपायों को भी मजबूत किया है।
अखिलेश यादव ने महाकुंभ को लेकर सरकार के आंकड़ों पर सवाल उठाए थे और कहा था कि “सरकार का हर आंकड़ा फर्जी है। कुछ ट्रेनें खाली जा रही हैं। सुनने में आया है कि गोरखपुर वाली ट्रेन खाली गई है। भाजपा का हर आंकड़ा फर्जी है।” उनके इस बयान पर भी राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया, लेकिन सरकार ने इसे नकारते हुए महाकुंभ के आयोजन की भव्यता और श्रद्धालुओं की संख्या को सबसे बड़ा प्रमाण बताया।
महाकुंभ 2025 अपनी भव्यता और दिव्यता के साथ प्रारंभ हो चुका है और अब तक लाखों लोग इस धार्मिक मेले में भाग ले चुके हैं। यह आयोजन न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति और सभ्यता का प्रतीक भी है, जो देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को एकता और सामूहिकता का संदेश देता है।