
देहरादून। अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स तस्करी से जुड़े मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को बड़ी राहत मिली है। विशेष ईडी अदालत ने आरोपी बनमीत नरूला और उसके भाई परविंदर से जेल में पूछताछ की अनुमति दे दी है। इसके तहत सुद्धोवाला कारागार प्रशासन को निर्देशित किया गया है कि उत्तराखंड जेल नियमावली और कानून के अनुरूप बयान दर्ज कराने की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
ईडी ने धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002 के अंतर्गत आरोपियों के बयान दर्ज करने के लिए विधिवत आवेदन प्रस्तुत किया था। शुक्रवार को विशेष लोक अभियोजक डी.पी. सिंह और कानूनी सलाहकार शालिनी सिंह अदालत में पेश हुए। उन्होंने बताया कि दोनों आरोपियों को ईडी ने वर्ष 2024 में गिरफ्तार किया था और फिलहाल वे सुद्धोवाला जेल में न्यायिक हिरासत में हैं।
अदालत को यह भी अवगत कराया गया कि बनमीत नरूला, परविंदर सिंह और अमरप्रीत कौर चावला के खिलाफ अभियोजन शिकायत पहले ही दाखिल की जा चुकी है। जांच में सामने आया है कि अपराध से जुड़ी शेष धनराशि ब्लॉकचेन पर करीब 4250 बिटकॉइन के रूप में दर्ज है, जिसे पीएमएलए के तहत जब्त करने की प्रक्रिया जारी है। मामले की गहराई से जांच और बयान दर्ज करना आवश्यक बताते हुए अदालत ने ईडी अधिकारियों को जेल जाकर पूछताछ करने की अनुमति दे दी।
हल्द्वानी निवासी नरूला बंधु लंबे समय से जांच एजेंसियों के रडार पर हैं। बनमीत नरूला बीते करीब 15 वर्षों तक यूरोप और अमेरिका में सक्रिय रहा और डार्क वेब मार्केट के जरिए करोड़ों डॉलर की अवैध ड्रग्स तस्करी में लिप्त था। वर्ष 2019 में उसकी गतिविधियों का खुलासा होने पर उसे लंदन में गिरफ्तार कर अमेरिका प्रत्यर्पित किया गया। वहां कोलंबिया कोर्ट ने 2022 में उसे सात साल की सजा और 50 लाख डॉलर के जुर्माने से दंडित किया।
पिछले वर्ष अप्रैल में अमेरिकी अदालत से जमानत मिलने के बाद उसे भारत डिपोर्ट किया गया, लेकिन देश लौटते ही वह भूमिगत हो गया। भारत में उसकी मौजूदगी की सूचना मिलते ही ईडी ने 26 अप्रैल को उसके ठिकाने पर छापा मारा। लंबी पूछताछ के बाद एजेंसी ने उसके छोटे भाई परविंदर सिंह को गिरफ्तार किया। अब अदालत की अनुमति के बाद दोनों से जेल में पूछताछ की जाएगी, जिससे जांच में अहम खुलासे होने की उम्मीद है।