
राज्य सरकार ने औद्योगिक भूमि के उपयोग को लेकर सख्त नियम लागू कर दिए हैं। उद्योग स्थापना के लिए आवंटित की गई भूमि का तीन वर्षों के भीतर उपयोग करना अनिवार्य होगा। तय समयसीमा में भूमि का इस्तेमाल नहीं होने पर संबंधित आवंटन स्वतः समाप्त कर दिया जाएगा।
सरकार ने साथ ही पट्टेदारों को आंशिक राहत भी प्रदान की है। औद्योगिक विकास विभाग के माध्यम से तथा राजस्व विभाग की स्वीकृति प्राप्त होने पर, पट्टेदार अब आवंटित भूमि को समान औद्योगिक उद्देश्य के लिए उप-पट्टे पर दे सकेगा।
ऊधमसिंह नगर जिले के प्राग फार्म क्षेत्र में स्थित 1354.14 एकड़ भूमि, जिसे औद्योगिक क्षेत्र के विकास के लिए सिडकुल को सौंपा गया था, इस नई नीति के दायरे में आएगी। पूर्व में लागू नियमों के अनुसार, पट्टेदार को भूमि को केवल बेचने या पट्टे पर देने का अधिकार था, जबकि अन्य किसी प्रकार के हस्तांतरण की अनुमति नहीं थी।
हालिया फैसले के तहत सरकार ने नियमों में संशोधन करते हुए स्पष्ट किया है कि औद्योगिक विकास को गति देने के लिए अब उप-पट्टे की अनुमति दी जाएगी। साथ ही यह भी तय किया गया है कि आवंटन की तिथि से तीन वर्ष की अवधि के भीतर भूमि का उपयोग अनिवार्य होगा, अन्यथा आवंटन निरस्त कर दिया जाएगा।