उत्तराखंड

चारधाम यात्रा 2026 को लेकर प्रशासन सक्रिय, गढ़वाल आयुक्त ने कारोबारियों संग की बैठक

चारधाम यात्रा 2026 की शुरुआत 19 अप्रैल से होने जा रही है। यात्रा की तैयारियों को लेकर गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने चार ट्रांजिट कैंप में चारों धामों से जुड़े होटल एसोसिएशन के पदाधिकारियों, ट्रांसपोर्टर, टूर ऑपरेटर और डंडी–कंडी व्यवसायियों के साथ बैठक की। बैठक का उद्देश्य यात्रा व्यवस्थाओं को सुचारु बनाने और हितधारकों के सुझावों पर विचार करना रहा।

बैठक के दौरान विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने गढ़वाल आयुक्त के समक्ष अपनी समस्याएं और सुझाव रखे। होटल व्यवसायियों ने धामों में यात्रियों की संख्या को लेकर लागू वैधता व्यवस्था समाप्त करने की मांग की। इसके साथ ही यात्रियों के पंजीकरण के लिए न्यूनतम शुल्क तय किए जाने का प्रस्ताव भी रखा गया।

ट्रांसपोर्टरों की ओर से टीजीएमओयू के अध्यक्ष जितेंद्र नेगी ने चारधाम यात्रा के दौरान बाहरी राज्यों के वाहनों के संचालन पर सवाल उठाए। उन्होंने बताया कि यात्रा सीजन में बड़ी संख्या में दूसरे राज्यों के वाहन हरिद्वार पहुंच जाते हैं और एक ही स्थान से संचालित होते हैं। इन वाहनों के चालक मनमाने किराए पर यात्रियों को चारधाम यात्रा कराते हैं, जिससे स्थानीय परिवहन व्यवसायियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।

उन्होंने मांग की कि प्रदेश में ‘केयर ऑफ’ पते पर पंजीकृत बाहरी राज्यों के वाहनों के संचालन पर रोक लगाई जाए। साथ ही यह भी बताया कि रोडवेज में एक बाहरी राज्य के व्यक्ति की करीब 50 बसें अनुबंध के तहत संचालित हो रही हैं। ऐसे मामलों पर रोक लगाने की आवश्यकता जताते हुए उन्होंने स्थानीय ट्रांसपोर्टरों के हितों की सुरक्षा की मांग की।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *