
मौसम में आए बदलाव के चलते दिनभर सूर्य के दर्शन नहीं हो सके, जिससे तापमान में और गिरावट दर्ज की गई। ठंड का असर इतना बढ़ गया कि स्थानीय लोग और पर्यटक कंपकंपाते नजर आए। सर्दी से बचाव के लिए लोगों ने अलाव का सहारा लिया, वहीं घरों के भीतर अंगीठियां लगातार जलती रहीं।
पहली बर्फबारी की संभावना तेज
मौसम के इस रुख से स्थानीय निवासियों और सैलानियों के बीच बर्फबारी को लेकर उत्सुकता बढ़ गई है। यदि यही हालात बने रहे तो चकराता, लोखंडी, कोटी कनासर, देववन सहित आसपास के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सीजन की पहली बर्फबारी होने की पूरी संभावना जताई जा रही है।
नए साल के पहले दिन चकराता समेत पूरे जौनसार-बावर क्षेत्र में आसमान पर घने बादल छाए रहे, जिससे पूरे दिन ठिठुरन बनी रही। शाम होते-होते तापमान में और गिरावट आई और ठंडी हवाओं के चलते लोग घरों में दुबकने को मजबूर हो गए। बाजारों, सड़कों और सार्वजनिक स्थलों पर लोग अलाव तापते दिखाई दिए, जबकि ग्रामीण इलाकों में ठंड का असर और ज्यादा महसूस किया गया। मौसम के इस बदलाव से ऊंचाई वाले क्षेत्रों में जल्द बर्फबारी की उम्मीद बढ़ गई है।