
अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर उत्तराखंड की सियासत एक बार फिर गरमा गई है। कथित वीआईपी का नाम सार्वजनिक करने और मामले की सीबीआई से जांच कराने की मांग को लेकर महिला कांग्रेस ने प्रदेश सरकार के खिलाफ जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया। ऋषिकेश में महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने यमकेश्वर विधायक रेणु बिष्ट के आवास का घेराव किया और नुक्कड़ नाटक के जरिए अपना विरोध दर्ज कराया।
शनिवार को हुए इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिला कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल रहीं। किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल की तैनाती की गई थी। प्रदर्शन के दौरान महिला कांग्रेस नेताओं ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित वीआईपी को लेकर प्रदेश सरकार की चुप्पी कई सवाल खड़े करती है।
महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला ने कहा कि भाजपा को स्पष्ट करना चाहिए कि वह कौन सा वीआईपी है, जिसे बचाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से कराई जाए, ताकि सच्चाई सामने आए और दोषियों को कड़ी सजा मिल सके।
दूसरी ओर, कर्णप्रयाग में भाजपा कार्यकर्ताओं ने अंकिता मामले को लेकर कांग्रेस के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए कांग्रेस सरकार का पुतला फूंका। भाजपा नेताओं ने कांग्रेस से कथित वीआईपी को लेकर सबूत पेश करने की मांग की। उनका कहना था कि कांग्रेस बिना प्रमाण दिवंगत अंकिता के नाम पर राजनीति कर रही है और यदि उसके पास कोई ठोस साक्ष्य हैं, तो उन्हें सार्वजनिक किया जाना चाहिए। भाजपा ने अंकिता के नाम पर राजनीति बंद करने की भी अपील की।